Tere Hote Janam Liya Hota

Tere Hote Janam Liya Hota



तेरे होते जनम लिया होता
फिर कभी तो तुझे मिला होता

काश ! मैं संगे-दर तेरा होता
तेरे क़दमों को चूमता होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

तू चला करता मेरी पलकों पर
काश ! मैं तेरा रास्ता होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

ज़र्रा होता जो तेरी राहों का
तेरे तलवों को छू लिया होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

लड़ता फिरता मैं तेरे आअ़दा से
तेरी ख़ातिर मैं मर गया होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

तेरे मस्कन के गिर्द शामो-सहर
बन के मंगता मैं फिर रहा होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

तू कभी तो मुझे भी तक लेता
तेरे तकने पे बिक गया होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

तू कभी तो मेरी ख़बर लेता
तेरे कूचे में घर किया होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

तू जो आता मेरे जनाज़े पर
तेरे होते मैं मर गया होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

होता ताहिर तेरे फ़क़ीरों में
तेरी देहलीज़ पर पड़ा होता

फिर कभी तो तुझे मिला होता

तेरे होते जनम लिया होता

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